सफर फेसबुक से शुरू हुई और शादी में बदल गई
बात तब की है जब मैं 12 वीं की पढ़ाई पूरी कर भागलपुर से अपने घर वापिस आया हमें ठीक ठीक याद है वह वर्ष 2012 का रहा होगा अगले कुछ दिन हमें घर पर ही रहना था इस बीच हमें काफी वक्त मिलने लगा था, हमने वर्ष 2011 में एक एकाउंट फेसबुक पर बनाया था पर वक्त की कमी और फेसबुक की ज्यादा ट्रेंड ना होने के कारण फिलहाल इस्तेमाल बंद कर दिया था, वापिस भागलपुर से आने के बाद हमने सेमसंग के चैम्प फोन में अपना फेसबुक को लॉगिन किया और फिर शुरू हुई 2G डाटा स्पीड में अपनी फेसबुक चलाने की 4G स्पीड फिर क्या था अब सोते जागते फेसबुक, वजह यह था की हमें फेसबुक पर एक लड़की मिली जिसको हमने देखने और उसके प्रोफाईल विजिट से यह तो समझ लिया था की यह (काल्पनिक नाम प्रिया) अपने शहर की ही है। पहला मैसेज हमने किया जवाब आने में बहुत वक्त ना लगा और फ़िर शुरू हुई दो अंजाने के बीच की वो पहली बात सब कहां से हो कैसे हो क्या करते हो हमको जानते हो उस शहर में तुम्हारा घर किधर है, और आज तक हमने तुमको देखा नहीं था फिर क्या था बात बस इतना ही होकर बात ना रही अब ये रोज मर्रे की हो गई थी, कैसे हो खाना खाया एक दूसरे का ख्याल रखना मानो एक दूसरे क...